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  (ऊपर) सोनभद्र जिले के कई भाग अभी भी उजाड़ पड़े है, तथा (नीचे) आश्रम के हस्तक्षेपों से कई गावों में संपन्नता आ गयी है
 

वर्ष 1954 में स्थापित बनवासी सेवा आश्रम एक स्वैच्छिक संगठन है जो जीवन के गांधीवादी सिद्धांतों में विश्वास करता है। यह ग्रामस्वराज्य प्राप्त करने के लिए कार्यक्रम बनाता है तथा उनका क्रियान्वन करता है। ग्रामस्वराज्य का अर्थ है हितकारी समुदाय की भागीदारी से ग्राम स्तर पर आत्मनिर्भरता के लिए साधारण उत्पादक संघों का संचालन।

बनवासी सेवा आश्रम के कार्य की रणनीति में सम्मिलित हैं लक्ष्य समुदाय के साथ मित्रवत सम्बन्ध स्थापित करना ताकि उनके जीवन की समस्याओं को समझा जा सके तथा उनकी सहायता करना ताकि वे ऐसे मॉडलों का विकास कर सकें जिनका प्रबंधन उनके द्वारा उचित प्रशिक्षण तथा समर्थक सेवाओ के द्वारा किया जा सके।

जारी...

 

कर्मयोगी प्रेमभाई

महात्मा गाँधी स्वशासन मिशन

फोटो गैलरी

समाचार पत्रों से

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