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महात्मा गाँधी स्वशासन मिशन
 

महात्मा गांधी मिशन - राष्ट्र के पुर्ननिर्माण के लिए युवा - बनवासी सेवा आश्रम की एक पहल है। इस परियोजना का अनुमोदन भारत सरकार के वित्त मंत्रालय की सामाजिक एवं आर्थिक कल्याण के लिए राष्ट्रीय कमेटी द्वारा किया गया है। मिशन का विचार महात्मा गांधी की 125वीं जयन्ती के समय आया था तथा इसे उसी वर्ष प्रारंभ किया गया। इसका उद्देश्य था पूरे देश में 125 महात्मा गांधी मिशन केन्द्रों की स्थापना करना। इस विचार को जन्म देने वाले थे बनवासी सेवा आश्रम के तत्कालीन सचिव श्री प्रेमभाई (1935-1994)। भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश श्री पी.एन. भगवती, जो इसके प्रथम अध्यक्ष थे, ने कार्यक्रम की शुरुआत 2 अक्तूबर 1993 को की थी। योजना के संस्थापक प्रेमभाई की इच्छा थी कि योजना स्ववित्त पोषित हो तथा इसमें गांधीवादी विचारों के प्रति आदर रखने वाले व्यक्ति स्वेच्छा से दान करें।

पहला प्रशिक्षण कैम्प मिशन में सम्मिलित होने वाले युवकों के लिए सितम्बर 1993 में आयोजित किया गया। युवाओं को महात्मा गांधी के दर्शन, उनके कार्य तथा विचारों से अभिमुख कराया गया। उन्हें आश्रम के ग्रामस्वराज्य कार्य को देखने तथा लाभार्थी समुदाय से बातचीत करने का अवसर भी प्राप्त हुआ।

योजना के उद्देश्य थे:

  1. ग्राम अभिशासन तथा विकास दोनों को सम्मिलित करते हुए ग्रामस्वराज्य पर गांधीवादी विचारों के अनुकूल सामाजिक परिवर्तन के लिए कार्य करने की इच्छा रखने वाले युवाओं एवं युवतियों को पहचानना तथा प्रशिक्षण, निर्देशन तथा आर्थिक सहयोग के माध्यम से उन्हें प्रोत्साहित करना
  2. लोक सेवकों का दल तैयार करना
  3. पूरे देश में 125 समर्पित स्वयंसेवी युवा केन्द्रों की स्थापना करना

स्वयंसेवी युवा बाल शिक्षा, महिला जागरूकता एवं विकास, कृषि एवं बागवानी विकास, वन संरक्षण, रोजगार सृजन, पेयजल उपलब्ध कराना, श्रमदान के माध्यम से सामुदायिक परिसंपत्तियों का निर्माण, आदि, क्षेत्रों में व्यस्त हैं। इनके अलावा कुछ युवा पर्यावरण संरक्षण, नशाबंदी, भूमि हकदारी, रोजगार के अधिकार, आदि, के लिए कार्य कर रहे हैं। ये सभी समुदाय को लामबंद करते हैं ताकि वह परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए श्रमदान करे, ग्राम कोष में योगदान दे, बाल शिक्षा केन्द्रों में सहयोग दे तथा स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित करे। स्वयंसेवकों ने लाभार्थियों को लामबंद करा है ताकि वे श्रम, अनाज, आदि, के माध्यम से आम राय से बनी विकासात्मक गतिविधि के लिए योगदान दें। स्वयंसेवक लोगों के साथ श्रम भी करते हैं। कई स्थानों पर इन्होंने पंचायतों को लामबंद करा है ताकि वे योजनाओं का विस्तार करें तथा वित्तीय सहयोग के लिए समुदाय के प्रस्तावों को स्वीकार करें।

'ग्रामस्वराज्य के लिए महात्मा गांधी मिशन' परियोजना पर कार्य प्रेमभाई ने प्रारंभ किया था। कार्य में प्रगति हुई है लेकिन समानुपातिक धन एकत्र करना संभव नहीं हो सका है। लेकिन इस अनुभव ने हमें विश्वास दिया है कि हम आने वाले दिनों में संस्थापक-दृष्टा प्रेमभाई के लक्ष्य के अनुरूप 125 महात्मा गांधी मिशन केन्द्र स्थापित कर सकेंगे। हमने भविष्य के लिए कई सारी योजनाएं बनाई हैं। हमारी योजना है कि हम हर महात्मा गांधी मिशन केन्द्र को प्रशिक्षण केन्द्र के रूप में विकसित कर ग्रामीणों की आर्थिक तथा सामाजिक उद्यमिता के लिए विकसित करें। ये क्षेत्र के लोगों के लिए शिक्षा तथा सीख के केन्द्र होंगे।

महात्मा गांधी मिशन से आप किस प्रकार संबध्द हो सकते हैं यह जानने के लिए यहां क्लिक करें