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| ग्रामस्वराज्य संगठन - जन संगठन | जागरूकता प्रसार | जल संरक्षण, सिंचाई तथा भूमि सुधार | कृषि, औद्यानिकी तथा वानिकी | पशुपालन | खादी तथा ग्रामोद्योग | बच्चों के लिए शिक्षा | स्वास्थ्य तथा चिकित्सा | महिला सशक्तीकरण | ग्रामीण हकदारी तथा कानूनी सहयोग | पर्यावरण स्वास्थ्य संरक्षण |
 
जागरूकता प्रसार
 
 
  महिलाओं का एक समूह संस्था के कार्यकर्ता (चित्र में नहीं दिखाई दे रहा) की बात सुनते हुए

हर वर्ष जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन सितम्बर तथा अक्तूबर के महीनों में किया जाता है। कार्यक्रम का प्रारंभ 10 सितम्बर, बनवासी सेवा आश्रम के स्वर्गीय सचिव, के जन्म दिन से होता है तथा अंत 2 अक्तूबर, महात्मा गांधी के जन्म दिवस से होता है। आयोजनों में जागरूकता रैलियां, ग्रामवासियों से चर्चा, श्रमदान, कम्पोस्ट प्रर्दशन, आदि सम्मिलित होते हैं। चर्चा के विषयों में सम्मिलित होते हैं क्षेत्र में पर्यावरणीय प्रदूषण तथा फसलों, फलों, वनस्पति तथा मानव स्वास्थ्य पर इसका प्रभाव, बेरोजगारी, खादी तथा ग्रामोद्योग, भूमि आधिकारों की समस्या, विकास के सरकारी कार्यक्रमों में लोगों की भागीदारी,आदि।

ग्रामस्वराज्य सभाओं के प्रतिनिधि, अन्य केन्द्रों के कर्मचारी तथा चयनित ग्रामीण कार्यक्रम में भाग लेते हैं।

हर वर्ष ग्रामस्वराज्य सम्मेलनों का आयोजन कार्यकर्ताओं, ग्रामवासियों एवं उनके प्रतिनिधियों के लिए किया जाता है ताकि उन्हें अवसर प्रदान किया जा सके कि वे अपने विचारों एवं अनुभवों को व्यक्त करें। ये सम्मेलन ग्राम निर्माण केन्द्र तथा आश्रम स्तर पर आयोजित किए जाते हैं। ये सम्मेलन पिछले वर्ष में किए गए कार्य की समीक्षा करते हैं तथा आने वाले वर्ष के लिए योजना बनाते हैं।

आश्रम के स्तर पर ग्रामस्वराज्य सम्मेलन का आयोजन दो दिनों के लिए 7 नवम्बर से प्रेमभाई की स्मृति में किया जाता है। ग्राम निर्माण केन्द्र स्तर पर ये सम्मेलन जनवरी से मार्च के बीच में आयोजित किए जाते हैं।

ग्रामवासियों को निम्न मुद्दों पर जागरूक किया जाता है:

  • जीवन स्थिति तथा जीवनयापन की समस्याएं
  • लिंग, जाति तथा धर्म के आधार पर भेदभाव का निपटारा
  • जीवन को प्रभावित करने वाले बाहरी कारक
  • साधारण जीवनयापन का महत्व
  • गांव की आत्म निर्भरता तथा आत्म पर्याप्तता का विकास
  • ग्रामीण समुदाय के झगड़ों का समाधान
  • कमेटियों तथा ग्राम कोष का गठन