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| ग्रामस्वराज्य संगठन - जन संगठन | जागरूकता प्रसार | जल संरक्षण, सिंचाई तथा भूमि सुधार | कृषि, औद्यानिकी तथा वानिकी | पशुपालन | खादी तथा ग्रामोद्योग | बच्चों के लिए शिक्षा | स्वास्थ्य तथा चिकित्सा | महिला सशक्तीकरण | ग्रामीण हकदारी तथा कानूनी सहयोग | पर्यावरण स्वास्थ्य संरक्षण |
 
कार्यक्रम
 
 
  कार्यक्षेत्र में किसी स्थान पर एक नवयुवक बांस की टोकरी बनाते हुए

आश्रम का प्रारंभिक कार्य था क्षेत्र के लोगों तथा उनकी समस्याओं को जानना एवं समझाना तथा बाद में विकासात्मक सुधारों को प्रारंभ करना। आश्रम ने लोगों को प्रोत्साहित किया कि वे शोषण का विरोध करें और इसके लिए इसने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि तथा वनोपज आधारित ग्रामोद्योग की छोटे पैमाने पर शुरुआत की। लेकिन ये गतिविधियां अधिक प्रभाव नहीं डाल सकीं एवं क्षेत्र में एक बड़ा अकाल वर्ष 1966 में आया। इससे कार्य करने के तरीके में सुधार की आवश्यकता का अनुभव किय गया तथा आश्रम ने समस्या प्रधान अनुसंधान तथा कार्यवाही प्रारंभ की ताकि लोगों को उनकी आवश्यकताओं के बारे में आत्म निर्भर बनाया जा सके तथा उनके दैनिक जीवनयापन का प्रबंधन किया जा सके।

वर्ष 1967-68 में प्रारंभ की गई कार्ययोजना जिसे एग्रीण्डस योजना कहा गया कृषि तथा संबंधित औद्योगिक विकासोन्मुखी थी। बाद में कार्ययोजना को स्वास्थ्य तथा शिक्षा को जोड़ते हुए और अधिक व्यापक बनाया गया। बाद में इसमें कई सारे और आयामों को क्षेत्र के निर्धन लोगों की समस्याओं के समाधान खोजने के मुख्य उद्देश्य के साथ जोड़ा गया तथा ताकि उन्हें वे हुनर तथा आत्मविश्वास दिया जा सके जिससे वे एक सम्मनाजनक जीवनयापन कर सकें।

वर्तमान में प्रमुख कार्यक्रम हैं: